पराक्रम
जानिए क्यों है, माणा पंचायत दूसरों के लिए एक मिसाल……!
उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में ग्राम पंचायतों की भूमिका केवल स्थानीय प्रशासन तक सीमित नहीं रहती, बल्कि...
बदलाव की सोच ने बदल दी मध्य प्रदेश के एक गांव...
जबलपुर, (गणतंत्र भारत शोध डेस्क) : प्रदेश, जो अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और ग्रामीण शक्ति के लिए...
पर्यावरण / उर्जा
क्यों जरूरी है, स्वास्थ्य़ नीति को पर्यावरण के साथ जोड़ना…?
नई दिल्ली (गणतंत्र भारत के लिए सुरेश उपाध्याय) : बड़े-बुजुर्ग कह गए हैं कि जितना प्रकृति के साथ चलोगे उतने सेहतमंद रहोगे। पक्षियों और...
क्या वेटिंग में हैं नेपाल जैसी और तबाहियां……!
नई दिल्ली (गणंतत्र भारत के लिए सुरेश उपाध्याय) : पिछले साल उत्तराखंड के धराली में अचानक आई बाढ़ से भारी तबाही हुई थी। इस घटना में...
कृषि
फलों – सब्जियों के इस ‘रासायनिक’ बाजार से हो जाएं सावधान
नई दिल्ली (गणतंत्र भारत के लिए पंकज सिंह) : भारत में फल - सब्जियां हर उपभोक्ता के आहार का आवश्यक हिस्सा होती हैं और...
ये कैसा जंगल है? यहां तो चिड़ियों की चहचहाहट ही नहीं…..!
क्या वो दिन दूर नहीं जब हम पक्षियों की गुटरगूं को तरस जाएंगे? इंसान की दखल ने जंगल के जीवन को किस कदर बर्बार...
ग्राम जागरूकता
मोदी ने क्यों कही, ‘फोर्थ पार्टी ऑडिट’ की बात…क्या वाकई गंभीर...
नई दिल्ली ( गणतंत्र भारत के लिए आशीष मिश्र) : क्या देश में सचमुच गैर सरकारी संस्थाओं और सेक्शन 8 कंपनीज़ एक्ट के तहत...
क्यों जरूरी है, स्वास्थ्य़ नीति को पर्यावरण के साथ जोड़ना…?
नई दिल्ली (गणतंत्र भारत के लिए सुरेश उपाध्याय) : बड़े-बुजुर्ग कह गए हैं कि जितना प्रकृति के साथ चलोगे उतने सेहतमंद रहोगे। पक्षियों और...
पहल
जैविक खाद / जैविक खेती
पोषण , हाइजीन
क्या FSSAI का काम सिर्फ आगाह करना है? जानिए भारत में...
नई दिल्ली (गणतंत्र भारत के लिए सुरेश उपाध्याय) : फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने हाल में ही सभी राज्यों को आगाह...
हर्बल दवाओं का भ्रामक प्रचार, आखिर क्यों चुप है सरकार…?
नई दिल्ली (गणतंत्र भारत के लिए सुरेश उपाध्याय) : हाल के सालों में विभिन्न तरह के प्रचार माध्यमों में ऐसे बेसिर पैर के विज्ञापनों की बाढ़...
अन्य
मोदी ने क्यों कही, ‘फोर्थ पार्टी ऑडिट’ की बात…क्या वाकई गंभीर...
नई दिल्ली ( गणतंत्र भारत के लिए आशीष मिश्र) : क्या देश में सचमुच गैर सरकारी संस्थाओं और सेक्शन 8 कंपनीज़ एक्ट के तहत...




































