पराक्रम
‘शीरोज़’ का कमाल… हॉकी से प्यार ने सपनों को दिए पंख…!
नई दिल्ली (कृत्तिका शर्मा स्पैन हिंदी पत्रिका से साभार) : खेल एक सार्वभौमिक भाषा है। और खेलों...
‘नंदिनी’ बनाम ‘अमूल’, ‘नंदिनी’ बनाम ‘मिल्मा’…आखिर ये ‘खेल’ क्या है…?
बेंगलुरू ( गणतंत्र भारत के लिए टी. राजेश) : कांग्रेस नेता राहुल गांधी चुनाव प्रचार के सिलसिले...
पर्यावरण / उर्जा
ये कैसा जंगल है? यहां तो चिड़ियों की चहचहाहट ही नहीं…..!
क्या वो दिन दूर नहीं जब हम पक्षियों की गुटरगूं को तरस जाएंगे? इंसान की दखल ने जंगल के जीवन को किस कदर बर्बार...
पीएम सूर्य घर योजना : बजट तो मिला जमकर लेकिन काम….?
नई दिल्ली ( गणतंत्र भारत के लिए आशीष मिश्र ) : हरित ऊर्जा के लक्ष्यों को पूरा करने की दृष्टि से केंद्र सरकार, सौर...
कृषि
ये कैसा जंगल है? यहां तो चिड़ियों की चहचहाहट ही नहीं…..!
क्या वो दिन दूर नहीं जब हम पक्षियों की गुटरगूं को तरस जाएंगे? इंसान की दखल ने जंगल के जीवन को किस कदर बर्बार...
क्या किनोवा की खेती से बदलेगी पहाड़ की तकदीर…?
नई दिल्ली (गणतंत्र भारत के लिए सुरेश उपाध्याय) : जंगली जानवर और आवारा मवेशी किसानों के लिए बड़ा सिरदर्द बन गए हैं, खासकर देश...
ग्राम जागरूकता
ये कैसा जंगल है? यहां तो चिड़ियों की चहचहाहट ही नहीं…..!
क्या वो दिन दूर नहीं जब हम पक्षियों की गुटरगूं को तरस जाएंगे? इंसान की दखल ने जंगल के जीवन को किस कदर बर्बार...
बिल्डर –बैंक, गठजोड़ या गिरोह
नई दिल्ली (गणतंत्र भारत के लिए आशीष मिश्र) : पंकज ने नोएडा में एक नामी बिल्डर के प्रोजेक्ट में करीब 10 साल पहले 3...
पहल
जैविक खाद / जैविक खेती
पोषण , हाइजीन
क्या FSSAI का काम सिर्फ आगाह करना है? जानिए भारत में...
नई दिल्ली (गणतंत्र भारत के लिए सुरेश उपाध्याय) : फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने हाल में ही सभी राज्यों को आगाह...
हर्बल दवाओं का भ्रामक प्रचार, आखिर क्यों चुप है सरकार…?
नई दिल्ली (गणतंत्र भारत के लिए सुरेश उपाध्याय) : हाल के सालों में विभिन्न तरह के प्रचार माध्यमों में ऐसे बेसिर पैर के विज्ञापनों की बाढ़...
अन्य
वैश्विक कनेक्टिविटी की डिजिटल जीवनरेखा की सुरक्षा
जैसे-जैसे समुद्र के अंदर बिछे केबल आधुनिक डिजिटल दुनिया को शक्ति प्रदान कर रहे हैं, अमेरिका इन महत्वपूर्ण नेटवर्कों को सुरक्षित करने और इंडो-पैसिफिक...



































