अमेरिकी वक्ता मर्सिडीज सोरिया एआई संचालित सुरक्षा को बढ़ावा दे रही हैं। वह स्वायत्त रोबोट माध्यम से अमेरिका को सुरक्षित बना रही हैं। है। एआई नवाचार पर उन्होंने भारत यात्रा के दौरान अपने विचारों को साझा किया।
चार्वी अरोड़ा
क्या आपके दिमाग में कभी इस बारे में खयाल आया है कि तकनीकी रूप से उन्नत रोबोट आपके मोहल्ले की चौकीदारी करें तो कैसा रहेगा? यह केवल अब कोरी कल्पना का विषय नहीं रह गया- एआई संचालित रोबोट अब हकीकत बन चुके हैं।
इस भविष्यवादी दृष्टि के पीछे हैं मर्सिडीज सोरिया। वह एक ऐसी कंपनी में काम करती हैं जो स्वायत्त सुरक्षा रोबोट बनाती है। ये रोबोट आशंकित खतरों का तुरंत पता लगाने, उसे रोकने और उसकी जानकारी देने के लिहाज से डिजाइन किए गए हैं। सोरिया, सिलिकॉन वैली स्थित कंपनी नाइटस्कोप में कार्य़कारी वाइस प्रेसिडेंट और चीफ इंटेलिजेंस ऑफिसर के रूप में कार्यरत हैं। वह अल्गोरिद्म के हर चरण के साथ सार्वजनिक सुरक्षा में सुधार की कोशिश कर रही हैं।
उन्होंने 2024 में यूएस स्पीकर प्रोग्राम के तहत बेंगलुरू, पुणे और नई दिल्ली का दौरा किया जिसे विदेश विभाग द्वारा प्रायोजित किया गया था। अपनी यात्राओं के दौरान उन्होंने उद्योग जगत के नेताओं, एआई विशेषज्ञों और युवा नवप्रवर्तकों से मुलाकात की एवं एआई और उन्नत तकनीकों के बारे में अपने विचार साझा किए।
प्रस्तुत है उनके साक्षात्कार के अंश :
नाइटस्कोप सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए किस तरह से प्रौद्योगिकी का फायदा उठा रहा है, और इस सिलसिले में उसके प्रमुख नवाचार क्या हैं?
नाइटस्कोप में, हमारा लक्ष्य अमेरिका को दुनिया का सबसे सुरक्षित देश बनाना है। लेकिन हमारे पास इतने सुरक्षा गार्ड और पुलिस अधिकारी नहीं हैं जो इस स्तर की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकें। इस चुनौती से निपटने के लिए हमने ऐसा रोबोट विकसित किया है जिसमें पहिए, कैमरे और उनन्त कंप्यूटिंग की सुविधाएं हैं। यह स्वायत्त प्रणाली हमेशा निगरानी प्रदान करती है और बिना रुके हर पल को रिकॉर्ड करती है।
हमारे मशीन लर्निंग एल्गोरिद्म रीयल टाइम में डेटा का विश्लेषण करते हैं, असामान्यताओं का पता लगाते हैं और जरूरत पड़ने पर इंसानी कर्मचारियों को सूचित करते हैं। इस प्रक्रिया से हम कंपनियों को भौतिक सुरक्षा की लागत कम करने में मदद करते हैं।
हमारे प्रमुख नवाचारों में से एक है के 5 ऑटोनॉमस सिक्योरिटी रोबोट। यह एक ऐसा एआई संचालित सेल्फ- ड्राइविंग सुरक्षा रोबोट है जो संपत्तियों और सार्वजनिक स्थानों की चौकीदारी करता है। इसे सॉफ्टवेयर के माध्यम से दूर से मॉनिटर किया जा सकता है या नाइटस्कोप की टीम द्वारा प्रबंधित किया जा सकता है।
सुरक्षा उद्योग के भविष्य को ये प्रौद्योगिकियां किस तरह से परिभाषित करते हुए दिख रही हैं?
सुरक्षा उद्योग दो क्षेत्रों में विभाजित है : साइबर सुरक्षा और भौतिक सुरक्षा। नाइटस्कोप मुख्य रूप से रोबोटिक्स के माध्यम से भौतिक सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित करता है।
पहले सुरक्षा उपकरणों को फोन या कंप्यूटर में लगाया जाता था ताकि घुसपैठ के खतरे का पता चल सके। जनरेटिव एआई के साथ ये सिस्टम न केवल खतरों का पता लगाते हैं बल्कि उन्हें सक्रिय रूप से रोक भी देते हैं। एआई हैकिंग प्रयासों, फिशिंग हमलों या अनधिकृत पहुंच की पहचान करते हुए तुरंत कर्रवाई करके उल्लंघनों को रोक सकता है।
एआई -आधारित सुरक्षा समाधानों में ये प्रगति डिजिटल क्षेत्र में कंपनियों और इंसानों दोनों के लिए सुरक्षा को काफी चाक-चौबंद कर सकती हैं।
जनरेटिव एआई में किस तरीके के रुझान उभर रहे हैं जो खासतौर पर आपकी निगाह में महत्वपूर्ण हैं?
युवा नवप्रवर्तकों में सबसे उत्साहजनक रुझानों में से एक यह है कि जनरेटिव एआई ने कोडिंग तक पहुंच को आसान बना दिया है। आज तकनीकी कंपनी शुरू करने के लिए आपको प्रोग्रामर होने की जरूरत नहीं है। बडे़ लैंग्वेज मॉडल – प्रशिक्षित उन्नत एआई सिस्टम होते हैं, जो मानव को समझ आने वाली भाषा को समझते और तैयार करते हैं, आपको बस उसे अपनी जरूरत बताना है। एक बार इनपुट, आउटपुट और चरणों को निर्धारित कर लेने के बाद, एआई आपके लिए कोड तैयार कर देगा। इससे किसी भी विचार को तकनीकी सहायता से वास्तविकता में बदलने का रास्ता खुल गया है।
एक और महत्वपूर्ण रुझान यह है कि, एआई का उपयोग करते समय क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए, इस बारे में जानकारी। एआई एक शक्तिशाली उपकरण हो सकता है लेकिन इस पर आंखें मूंद कर भरोसा नहीं करना चाहिए। इसके अलावा हम देख रहे हैं कि प्रमुख तकनीकी कंपनियां अपना खुद का एआई एल्गोरिद्म विकसित कर रही हैं, जिनकी अलग-अलग क्षमताएं हैं- कुछ विभिन्न प्रकार के डेटा संभालने में कुशल हैं, कुछ गति के लिए अनुकूलित हैं और कुछ बोलचाल में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हैं।
और अंत में कहा जा सकता है कि ओपन सोर्स एआई तेजी से लोकप्रियता हासिल कर रहा है। यह इंजीनियरों के बीच सहयोग को बढ़ावा देता है जिससे कम या बिना किसी लागत के शक्तिशाली उपकरणों को बनाना संभव हो पाता है।
भारत में आपके कार्यक्रमों से क्या मुख्य निष्कर्ष निकल कर सामने आए?
मेरे लिए सबसे महत्वपूर्ण अनुभव एआई के इर्द-गिर्द हुई रोचक चर्चाएं रहीं। भारत तकनीक के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति कर रहा है। अमेरिका में यूज़र इंटरफेस थोड़े अधिक उन्नत हो सकते हैं लेकिन कोई बहुत महत्वपूर्ण अंतर नहीं है। मुझे भारत में जिस तरह के नवाचार हो रहे हैं, उन्हें देखकर बहुत खुशी हुई।
सौजन्यः स्पैन पत्रिका